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21 अगस्त 2017

मेरे आदरणीय निंदक ,,दिल के नज़दीक छद्म राष्ट्रभक्ति के बहकावे में भटके मेरे दिल की धड़कन बने अज़ीज़ भाइयो

मेरे आदरणीय निंदक ,,दिल के नज़दीक छद्म राष्ट्रभक्ति के बहकावे में भटके मेरे दिल की धड़कन बने अज़ीज़ भाइयो ,,मेने सारे जहाँ से अच्छा ,, ,रिक्त स्थान ,छोड़कर ,,उम्मीद की थी के आप भी ओरिजनल राष्ट्रभक्तो की तरह ,,हिन्दुस्तान हमारा कहकर ,अपना फ़र्ज़ निभाएंगे ,,लेकिन अफ़सोस हुआ आपने ,,न जाने क्यों ,,न जाने किस रंजिश से ,,किस नाराज़गी से ,,मेरे इस हिन्दुस्तान को सारे जहाँ से अच्छा स्वीकार करने में गुरेज़ किया ,,आपके अलफ़ाज़ थम गए ,,स्याही खत्म हो गयी ,,सारे जहाँ से अच्छा हिंद्स्तान हमारा कहने के पहले ही ,,आप की जुबां तालु में अटक गयी ,,और भी अफ़सोस तब हुआ ,तब आपने भावना समझकर ,,सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ,,,नारे में शामिल होने की जगह इसे विवादित बना दिया ,,इसे मानने से इंकार कर दिया ,,,पता नहीं क्यों ,,लेकिन मेरे मित्रो ,,मेरे भाइयो ,,मुझे चाहे आपके घर आकर ,,आपको गले लगाकर ,आप की मीठी जुबां से सारे जहाँ से अच्छा सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान हमारा ही है ,,कहलवाने के लिए प्रार्थना करना पढ़े ,,समझाइश करना पढ़े ,,आपको कोटा बुलाना पढ़े ,,आपके घर पर बिस्तरे लेकर कई दिनों तक ,,बिन बुलाये मेहमान की तरह पढ़ा रहना ,पढ़े ,लेकिन में आप भाइयो के ज़हन में ,,सारे जहां से अच्छा सिर्फ और सिर्फ हिन्दुस्तान ही हमारा है ,,बिठा कर रहूंगा ,,मेरे भाइयो मुझे पता है ,आप परवरिश में जो नफरत का माहौल मिला है ,,आपके इर्द गिर्द जो आपको लोग मिले है उस वजह से ,,या फिर किसी रिमोट से चलाने वाली खरीददार शख्सियत द्वारा लगाई गयी चिप लगा देने से उनकी भाषा बोल रहे ,,है ,हर बात का विरोध ,,हर बात पर नफरत ,,गुस्सा ,,समझ नहीं आता ,,लेकिन दोस्तों ,,एक दिन तुम्हे मेरे राष्ट्रपेम ,,मेरी मोहब्बत ,,मेरे इस्लामिक अख़लाक़ से मोम की तरह पिघला कर ,,दोस्त न बना लूँ कहना ,,आज से अभी से ,तुम्हारी नफरत और मेरी मोहब्बत की जंग है ,,तुम चाहो जितनी नफरत भड़काओ ,,जितने नफरत के शोले जलाओ ,,,मेरी मोहब्बत की बारिश के आगे इसे बुझना ही होगा ,,मोहब्बत का एक हरा भरा बाग़ ,,,ओरिजल राष्ट्रीयता का एक खुशनुमा ,,खुशबूदार गुलाब खिला कर ज़रूर रहूंगा ,,में फिर कहूंगा ,,,आप से भी उम्मीद करूँगा के आप भी इसे स्वीकारे इसे कहें ,के सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

गौ माता का ,,,इनके पालक पुत्र ने क्या हाल कर रखा है

आदरणीय यह निरीह बेज़ुबान ,,कहलायी जाने वाली गौ माता का ,,,इनके पालक पुत्र ने क्या हाल कर रखा है ,,गौ माता दुधारू है ,,खुद अपना दूध न पी ले ,,सिर्फ इसलिए ,,इनके पालक पुत्र ने नयापुरा क्षेत्र में सड़क पर छोड़ देने वाली इन माता जी के गले में टीन का डब्बा बाँध दिया है ,,इन गौ माता के पालक पुत्र दूध निकालते है ,,,इन्हे इस तरह बाँध कर छोड़ देते है ,,,नयापुरा क्षेत्र अस्पताल के आसपास के यह गौ माता के पालक पुत्र है ,आप खुद नयापुरा अस्पताल के आसपास मुख्य सड़क पर ,,टीन से गर्दन बंधी इन ,,गौ माता साहिब को देख सकते है ,,मेने तो इनके पालक पुत्र को समझा दिया ,,अब आप समझाकर देख लीजिये हो सकता है ,,इन आदरणीय गौ माता को इस टीन के डिब्बे की छटपटाहट से छुटकारा आप दिला सके ,,,वैसे तो यह पशु क्रूरता है ,,लेकिन यह क़ानून तो सिर्फ पशुओ पर लागु होता है ,,माता पर क्रूरता करने पर क्या क़ानून बनेगा ,,मुझे पता नहीं ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

क़ुरान का सन्देश

उनके पैग़म्बरों ने उनके जवाब में कहा कि इसमें शक नहीं कि हम भी तुम्हारे ही से आदमी हैं मगर ख़ुदा अपने बन्दों में जिस पर चाहता है अपना फज़ल (व करम) करता है (और) रिसालत अता करता है और हमारे एख़्तियार मे ये बात नही कि बे हुक्मे ख़ुदा (तुम्हारी फरमाइश के मुवाफिक़) हम कोई मौजिज़ा तुम्हारे सामने ला सकें और ख़ुदा ही पर सब इमानदारों को भरोसा रखना चाहिए (11)  और हमें (आखि़र) क्या है कि हम उस पर भरोसा न करें हालाँकि हमे (निजात की) आसान राहें दिखाई और जो तूने अजि़यतें हमें पहुँचाइ (उन पर हमने सब्र किया और आइन्दा भी सब्र करेगें और तवक्कल भरोसा करने वालो को ख़ुदा ही पर तवक्कल करना चाहिए (12)
और जिन लोगों नें कुफ्र एख़्तियार किया था अपने (वक़्त के) पैग़म्बरों से कहने लगे हम तो तुमको अपनी सरज़मीन से ज़रुर निकाल बाहर कर देगें यहाँ तक कि तुम फिर हमारे मज़हब की तरफ पलट आओ-तो उनके परवरदिगार ने उनकी तरफ वही भेजी कि तुम घबराओं नहीं हम उन सरकष लोगों को ज़रुर बर्बाद करेगें (13)
और उनकी हलाकत के बाद ज़रुर तुम्ही को इस सरज़मीन में बसाएगें ये (वायदा) महज़ उस शख़्स से जो हमारी बारगाह में (आमाल की जवाब देही में) खड़े होने से डरे (14)
और हमारे अज़ाब से ख़ौफ खाए और उन पैग़म्बरों हम से अपनी फतेह की दुआ माँगी (आखि़र वह पूरी हुयी) (15)
और हर एक सरकश अदावत रखने वाला हलाक हुआ (ये तो उनकी सज़ा थी और उसके पीछे ही पीछे जहन्नुम है और उसमें) से पीप लहू भरा हुआ पानी पीने को दिया जाएगा (16)
(ज़बरदस्ती) उसे घूँट घूँट करके पीना पड़ेगा और उसे हलक़ से आसानी से न उतार सकेगा और (वह मुसीबत है कि) उसे हर तरफ से मौत ही मौत आती दिखाई देती है हालाँकि वह मारे न मर सकेगा-और फिर उसके पीछे अज़ाब सख़्त होगा (17)
जो लोग अपने परवरदिगार से काफिर हो बैठे हैं उनकी मसल ऐसी है कि उनकी कारस्तानियाँ गोया (राख का एक ढेर) है जिसे (अन्धड़ के रोज़ हवा का बड़े ज़ोरों का झोंका उड़ा लेगा जो कुछ उन लोगों ने (दुनिया में) किया कराया उसमें से कुछ भी उनके क़ाबू में न होगा यही तो पल्ले दर्जे की गुमराही है (18)
क्या तूने नहीं देखा कि ख़ुदा ही ने सारे आसमान व ज़मीन ज़रुर मसलहत से पैदा किए अगर वह चाहे तो सबको मिटाकर एक नई खिलक़त (बस्ती) ला बसाए (19)
औ ये ख़ुदा पर कुछ भी दुशवार नहीं (20)

20 अगस्त 2017

एक बुज़ुर्ग को पोस्को जैसे गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया ,,अफ़सोस पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की विशेषज्ञ राय भी नहीं ली

राजस्थान की बूंदी पुलिस जहां पहले पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी ने दंगाईयो को ठोक बजाकर जेल में डाल दिया और उनकी गैरवाजिब बात के आगे नहीं झुके ,,दूसरे पुलिस अधीक्षक ,,दंगाइयों के आगे झुके और एक बेगुनाह को जेल भेज दिया ,,फ़र्क़ इतना रहा ,,दंगाइयों के खिलाफ रहकर इन्साफ की जंग लड़ने वाले पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी को बदले की भावना से प्रताड़ित किया गया ,,उनके खिलाफ चार्जशीट फिर उन्हें वेतनवृद्धि रोकने की सज़ा दी गयी ,,वोह बात अलग है वोह इन्साफ के जुझारू संघर्ष शील व्यक्तित्व के धनी होने से इस लड़ाई को सुप्रीमकोर्ट तक ले जाएंगे जहाँ से उन्हें इन्साफ ज़रूर मिलेगा ,,पंकज चौधरी ने बूंदी के नेनवा से दंगा होने से रोका था ,,लेकिन वर्तमान पुलिस अधीक्षक सच ,जानकर ,सच पहचानकर ,,,,कथित बनाये गए आरोपी हाजी के खिलाफ साज़िश जानकर भी दंगाइयों से घबरा गए और उन्हें छोड़ने के बाद तुरत फुरत में ,,एक बुज़ुर्ग को पोस्को जैसे गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया ,,अफ़सोस पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की विशेषज्ञ राय भी नहीं ली ,,बस सबूत एकत्रित किये ,,बयान लिए ,,छद्म गवाह हुए और दंगाइयों के दबाव में इस बेगुनाह को जेल भेज दिया ,,,मेने पुलिस महानिरिक्षक कोटा रेंज ,, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो ,,मुख्यमंत्री कार्यालय में वाइरल विडिओ की एक्सपर्ट से जांच कराने की गुहार भी लगाई ,,लेकिन तब तक गिरफ्तारी हो चुकी थी ,,बुज़ुर्ग बेगुनाह को जेल भेज दिया गया था ,,,बुज़ुर्ग के परिजनों के घर पर जानलेवा हमले की साज़िश थी ,फिर वरिष्ठ अधिकारियो को सुचना दी ,,सुरक्षा तो हुई ,,लेकिन दंगाइयों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई ,,हर शख्स अपनी कुर्सी बचाना चाहता था ,,,पुलिस अधीक्षक रहे पंकज चोधरी की सख्त कार्यवाही के बाद उनके साथ हुए सरकारी हमले से पुलिस अधिकारी डरे हुए थे ,,वोह दंगाइयों दंगाइयों से डिक्टेट हुए ,,परिजन चीखते रहे ,,चिल्लाते रहे ,,एक हाजी ,,एक नमाज़ी बुज़ुर्ग रोता रहा ,,बिलखता रहा ,,लेकिन एक काला दाग ,,उसकी ज़िंदगी में लगा दिया गया ,,,पुलिस अधीक्षक से लेकर ,,पुलिस महानिरिक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो को विडिओ हर पहलु से दिखाई गयी ,,गिरफ्तार बेगुनाह बुज़ुर्ग के पुत्र शराफत अली ,,कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग में मेरे अधीनस्थ पदाधिकारी है इसलिए लगातार वरिष्ठ अधिकारियो से सम्पर्क में थे ,,खुद परिजनों ने इंटरनेट इन्वेस्टिगेशन किया ,,दो अलग अलग जगह इस विडिओ के नाम पर पकड़े गए लोगो की जानकारी एकत्रित की ,,एक एफ आई खुर्जा की जिसमे बुज़ुर्ग पहले ही गिरफ्तार हो चुके है ,,उपलब्ध कराई ,,हाईकोर्ट में इस मामले में कार्यवाही की कोशिशे तेज़ करते हुए सूक्ष्म साक्ष्य एकत्रित की जाने लगी ,लेकिन खुदा का शुक्र हुआ ,,के बूंदी पुलिस अधिकारियो का ज़मीर जागा ,,बूंदी पुलिस ,,दंगाइयों के दबाव ,,उनके खौफ से मुक्त हुई और निष्पक्ष कार्यवाही के लिए बहुमुखी जांच के लिए प्रयासरत हुई ,,,,कोटा पुलिस महानिरीक्षक विशाल बंसल ,,बूंदी पुलिस अधीक्षक ,,मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे अधिकारी इस पर पूर्व शिकायत पर गंभीर हुए ,,सबूत की जांच हुई ,,और फिर एक्सपर्ट ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया ,,एक बुज़ुर्ग जिसे सिर्फ भीड़ के डर से ,,फ़र्ज़ी मुक़दमे में ,,समानता के आधार पर ,,ागिरफ्तार कर जेल डाल दिया गया ,,उस मामले में तो पहले से ही खुर्जा में एक बुज़ुर्ग गिरफ्तार है ,,चालान पेश हो गया है ,,मुक़दमा चल रहा है ,,तब बूंदी पुलिस की आँखे खुली ,,बूंदी पुलिस ने भीड़ के दबाव से मुक्त होने पर ,सच्चाई जानी ,,और क़ुबूल भी की ,,लेकिन अब इस बुज़ुर्ग की रिहाई क़ानूनी पेचीदगियों में उलझी है ,,ज़मानत होगी ,,पुलिस अपनी गलती क़ुबूलेगी ,,या हठधर्मिता पर अड़ेगी ,,,एफ आर लगाकर बुज़ुर्ग को रिहा करने की खुद पुलिस दरख्वास्त देकर प्रायश्चित करेगी ,,समझ नहीं आता क्या होगा ,,लेकिन सच सामने आने के बाद भी एक बेगुनाह जेल में हो और दंगे का खौफ बताकर भीड़ को हमलावर बनाने वाले लोग जेल के बाहर हो ,अफ़सोस होता है ,,,ऐसे में पंकज चौधरी जैसे पुलिस अधिकारी नेताओ ,,दंगाईयो ,,दंगा समर्थको की निगाह में चाहे उनकी आँख की किरकिरी हो ,,लेकिन आम जनता के लिए तो ऐसे अधिकारी हीरो ,,सिर्फ हीरो ही रहते है ,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

,देश में रेलवे प्रबधन छिनभिन्न है ,,कर्मचारियों की कमी रेलवे दुर्घटनाओ अव्यस्था का कारण बनी हुई है

,देश में रेलवे प्रबधन छिनभिन्न है ,,कर्मचारियों की कमी रेलवे दुर्घटनाओ अव्यस्था का कारण बनी हुई है ,,दूसरी तरफ रेलवे भर्तियों में विज्ञापित नोकरियो के बाद भी कमी करने पर तुली है ,हाल ही में रेलवे अप्रेंटिस से जुड़े लोगो का दिल्ली जंतर मंतर पर धरना ऐतिहासिक बन गया ,,,रेलवे मंत्री खुद भाजपा सरकार में प्रधानमंत्री रेलवे प्रबंधन को संभाल नहीं पा रहे है ,,दुर्घनाए अधिकतम हो रही है ,रेलवे प्लेटफॉर्म ,,रेलवे कोच में अपराध बढ़ रहे है ,,किराया वृद्धि होने के बावजूद भी सुविधाएं नहीं बढ़ी है ,,रेलवे प्लेटफॉर्म ,,बेचे जा रहे है ,रेलवे कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति और नयी रेलों के संचालन के बाद भी ,,आवश्कतानुसार रेल्वें कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है ,,सूत्रों ने बताया की ,,रेलवे में कर्मचारियो की भारी कमी के बावजूद 2015में भर्ती प्रक्रिया जो 18252पदो की निकाली गयी उसे 14000पदो की कर दी गयी ,इतिहास में पहली बार भर्ती के बीच में 4252पद कम कर दिये गये ,भर्ती प्रक्रिया अभी ढाई बर्षो में पूरी भी नही हो पायी है ,ये आपकें प्रभु की विचारधारा है ,बहुत सें प्रतियोगी छात्र किस्मत को कोस रहे है ,किन्तु ये सरासर प्रतिभावों की हत्या है
रेल सरक्षा में लगे बहुत से रेलकर्मियों की ड्यूटी इस प्रकार की हे कि कई-कई दिन अपने बीवी-बच्चों से मिलने तक नहीं जा सकते।पीने के लिये इन्हें स्वच्छ पानी तक उपलव्ध नही है।रेल मंत्री और उनका स्टॉफ कमीशन बटोरने और सोशल मीडिया पर मंत्री जी की छवि चमकाने में लगा है।जबकि रेल सुविधाओं और सरक्षा में सुधार हेतु रेल मंत्री महोदय और उनकी टीम के पास में समय नही है,,रेलवे मंत्रालय ,,प्रधानमंत्री कार्यालय पूरी सरकार को ईश्वर सद्बुद्धि दे ,,जो सरकार रेलवे में रोज़गार के अवसर कम करने की जगह रोज़गार के अवसर भी बढाए ,,आमदनी भी बढाए और कुशल प्रंबधन सुविधाओं के साथ सीमित खर्च ,,,सीमित किराए पर यात्रियों के लिए ,,माल लदान के लिए रेलगाड़ी ,,मालगाड़ी चलाये ,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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